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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 31, Verse 11

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 31, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 31 · श्लोक 11

संस्कृत श्लोक

श्रीराम उवाच । नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः । ते ह्यसन्तः कथं सत्तां संपन्ना इति मे वद ॥ ११ ॥

हिन्दी अर्थ

असन्तोऽपि गतास्सत्ताम्‌ यह सुनकर श्रीरामचन्द्रजी उसकी अनुपपत्ति की शंका करते हैं । श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : हे भगवन्‌, असत्‌ पदार्थ की सत्ता नहीं है और सत्‌ का अभाव नहीं होता, यह प्रसिद्ध है । ऐसी स्थिति में असत्‌ वे दाम आदि कैसे सत्ता को प्राप्त हुए, यह कृपाकर मुझसे कहिये