Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 27, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 27, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 27 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अथ देवा विषण्णास्ते क्षणमाश्वास्य वै ययुः ।
जयोपायाय विजिता ब्रह्माणममितौजसम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त दैत्यों से जीते गये अतएव उदास हुए वे देवता क्षणभर आराम कर अमित तेजस्वी
ब्रह्माजी के पास विजय के उपाय पूछने के लिए गये