Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 24, Verse 18
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 24, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 24 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
मा महामोहमिहिकामिमां त्वमवधीरय ।
विवेकं परमाश्रित्य बुद्ध्या सत्यमवेक्ष्य च ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रस्तुत इन्द्रिय रूपी शत्रुओं के जयोपाय के उपदेश का उपसंहार करते हैँ ।
परम विवेक को प्राप्त, बुद्धि से सत्य का अवलोकन कर तथा इन्द्रियरूपी शत्रुओं को अच्छी तरह
जीतकर आप संसार सागर से पार हो जाइये