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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 23, Verse 9

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 23, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 23 · श्लोक 9

संस्कृत श्लोक

भ्रूललाटोष्ठसच्छायवदनोद्यानशोभिता । दृष्टिपातोत्पलाकीर्णकपोलविपुलस्थली ॥ ९ ॥

हिन्दी अर्थ

नील पत्तों के तुल्य भौंहों से, सफेद नूतन पत्तों के तुल्य ललाट से और फूलों के तुल्य ओठों से अत्यन्त सुन्दर मुखरूपी उद्यान से यह सुशोभित है। इसमें कटाक्षरूपी कमलों से व्याप्त कपोलस्थलरूपी विशाल दो विहार स्थलियाँ हैं