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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 21, Verse 10

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 21, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 21 · श्लोक 10

संस्कृत श्लोक

अयं प्रकृत आरब्धो मनोनिर्णय उत्तमः । यद्वशाज्जनताजन्म तदाकर्णय सुव्रत ॥ १० ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार श्री रामचन्द्रजी के प्रश्न का समाधान कर प्रस्तुत विषय के श्रवण में श्रीरामचन्द्रजी को प्रवृत्त करते हैं। हे सुन्दर व्रतवाले श्रीरामचन्द्रजी, प्रकृत में इस उत्तम मनोनिर्णय का मैंने आरम्भ किया है, जिसके कारण लोगों का जन्म होता है, उस मन को आप सुनिये