Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 19, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 19, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
जाग्रत्स्वप्नदशाभेदो न स्थिरास्थिरते विना ।
समः सदैव सर्वत्र समस्तोऽनुभवोऽनयोः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
स्थिरता और अस्थिरता के बिना जाग्रत और स्वप्न की
दशाओं मे भेद नहीं है, क्योंकि इन दोनों दशाओं मेँ सम्पूर्ण अनुभव सदा सब जगह समान ही होता
है