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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 14, Verse 19

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 14, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 14 · श्लोक 19

संस्कृत श्लोक

एकान्तसंस्थितं कान्तं कान्त्येकाकिनमाश्रितम् । उपशान्तेहसंभग्नचित्तसंभ्रमसंगमम् ॥ १९ ॥

हिन्दी अर्थ

वह एकान्त में अकेला स्थित था, शरीर कान्ति से अत्यन्त कमनीय था। उसकी सारी चेष्टाएँ शान्त हो गई थी, अतएव उसके चित्त के सम्भ्रम का समागम नष्ट हो गया था