Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 13, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
विलीयते मनोमोहः सच्छास्त्रप्रविचारणात् ।
नभोविहरणाद्भानोः शार्वरं तिमिरं यथा ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे सूर्य के आकाशमें भ्रमण करने से रात्रि का अन्धकार मिट जाता है वैसे ही
आध्यात्मिक सत्शास्त्रों के विचार से मनरूपी मेल नष्ट हो जाता है