Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 12, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 12, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
काश्चिदन्तरमासाद्य ब्रह्मतत्त्वमहाम्बुधेः ।
गतास्तत्तां समं कार्यैर्हरिब्रह्महरादिकाः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
कुछ विष्णु, ब्रह्मा, हर आदि जीव ब्रह्मतत्त्वरूप महोदधि से कुछ भेदक विशुद्ध ज्ञानोपाधि
को पाकर कार्यो के साथ ब्रह्म महासागरता को प्राप्त हुए हैं यानी जीवन्मुक्त हो गये हैं