Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, Verse 60
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 11, verse 60 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
भाविता शक्तिरात्मानमात्मतां नयति क्षणात् ।
अनन्तमखिलं प्रावृड्मिहिका महती यथा ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे वर्षा ऋतु का विपुल कुहरा सम्पूर्ण आकाश को अपने रूप में रंग देता है वैसे ही
भावित शक्ति (वासना) व्यापक आत्मा को एक क्षण में अपने रूप को प्राप्त कर देती हे