Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, Verse 66
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 10, verse 66 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 66
संस्कृत श्लोक
नायिकानलिनीभानुः पुष्पचाप इवापरः ।
विद्याधरीणां दयितो गन्धर्वपुरभूषणः ॥ ६६ ॥
हिन्दी अर्थ
दूसरे कामदेव की नाई नायिकारूपी नलिनियों को प्रकाशित करनेवाला विद्याधरियों का अत्यन्त प्रिय
एवं गन्धर्व नगर का भूषण हुआ