Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 97, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 97, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 97 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
मनो मन्ये मनः कर्म तच्छरीरेषु कारणम् ।
जायते म्रियते तद्धि नात्मनीदृग्विधा गुणाः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
मन का शोधन प्रकार कहते हैं।
मेरा निश्चय है कि मन ही कर्म है और मनही तत्-तत् शरीरसमूहका कारण है । मन
ही उत्पन्न होता है और मरता है । इस प्रकार के भावविकार आत्मा में नहीं है