Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 88, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 88, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 88 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
शरीरसंनिवेशस्य त्यागे रागे च ते यदा ।
निष्कामो भगवन्भावो नाभिवाञ्छति नोज्झति ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, शरीर वपू
अवयवसन्निवेश के त्याग में और उसमें अहम् अभिमान से राग करनेमें भी आपका भाव
निष्काम है, वह न शरीरग्रहण से कुछ प्रेम करता है और न शरीरत्याग से द्वेष करता है