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Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 78, Verse 5

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 78, verse 5 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 78 · श्लोक 5

संस्कृत श्लोक

राजोवाच । भो भो भूतक किं स्यास्त्वं क्व तिष्ठसि च देहकम् । दर्शयास्यास्तव गिरः को बिभेत्यलिनीध्वनेः ॥ ५ ॥

हिन्दी अर्थ

राजा ने कहा : अरे भूत, तुम कौन हो ? और कहाँ रहते हो ? अपनी देह को दिखलाओ । भँवरी के गुंजन के सदृश तुम्हारी इस वाणी से कौन डर सकता है २