Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 72, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 72, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
न निगीर्णवती तानि रजांसि दृढनिश्चयात् ।
अन्तःसारतया कार्यं लघवोऽप्याप्नुवन्ति हि ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
दृढ निश्चय होने के
कारण उसने उन पुष्परजों को और मांसकणों को नहीं निगला, अन्तःसार होने के कारण क्षुद्र
लोग भी तप में आनेवाले विघ्नो की निवृत्तिरूप प्रयोजन को प्राप्त करते हैं