Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 7, Verse 18

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 7, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 18

संस्कृत श्लोक

श्रीराम उवाच । रूपं कथय मे ब्रह्मन्यथावत्परमात्मनः । यस्मिन्दृष्टे मनो मोहान्समग्रान्संतरिष्यति ॥ १८ ॥

हिन्दी अर्थ

यों जब श्रीरामचन्द्रजी की शंका का समाधान हो चुका, तब वे सर्ग के आरम्भमें जो प्रश्न किया था और जो प्रसंगपात्र कथनोपकथनसे व्यवहित हो गया था, उसे फिर स्पष्टरूप से पूछते हैं । श्रीरामचन्द्रजी ने कहा : भगवन्‌, कृपा करके परमात्मा यथार्थस्वरूप मुझसे कहिये, जिसका साक्षात्कार होने पर मन सम्पूर्ण मोहों से छुटकारा पा जायेगा