Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 57, Verse 27
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 57, verse 27 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 57 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
को देहः कस्य वा सत्ता कस्य नाशः कथं कुतः ।
स्थितं तदेव यदभूदबोधः केवलं गतः ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
हे
श्रीरामचन्द्रजी, जरा ध्यान देकर विचार तो कीजिये देह क्या थी, किसकी थी, किसकी सत्ता
रही, किसका विनाश हुआ ओर कैसे हुआ ? जो वस्तु वास्तव में थी, वही केवल रह गई,
एकमात्र अज्ञान चला गया । भाव यह कि ज्ञान होने पर जो वस्तु शेष रह गई वही वास्तविक है
और जो चली गई, वह सब अज्ञान ही (भ्रम ही) था