Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, Verse 23
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 48, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
कृतप्रतिकृतैरेवं बाणवर्षैर्महीपती ।
व्यर्थीकृतैरनयतां प्रहारमविचारणैः ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
दोनों राजाओं ने इस प्रकार बाणवृष्टि से, प्रहार ओर प्रतीकार
से, एक दूसरे के अस्त्र को व्यर्थ करने से और एक दूसरे को लक्ष्य बनाने से एक प्रहर बिता
दिया