Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 47, Verse 10
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 47, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
श्रीवसिष्ठ उवाच ।
हत्वैनं वसुधापीठे जयी राज्यं करिष्यति ।
एवं देव्यां वदन्त्या तु बलयोर्युध्यमानयोः ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीवसिष्ठजी ने कहा : वत्स
श्रीरामचन्द्रजी, दो देवियाँ यों कह रही थी कि जूझ रही दो सेनाओं का आश्चर्यमय युद्ध देखने
के लिए मानों भगवान् भास्कर उदयाचल में आरूढ हुए