Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 43, Verse 28
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 43, verse 28 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
अथ शुश्राव तत्रासौ गिरो राजा विदूरथः ।
योधानां दग्धदाराणां पश्यतामभिधावताम् ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त राजा विदूरथ ने वहाँ पर योद्धाओं की तथा उन
लोगों का, जिनका देखते देखते स्त्री, पुत्र, घर, द्वार आदि सर्वस्व स्वाहा हो गया था और
इधर-उधर भाग रहे थे, वाणियाँ सुनी