Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 20, Verse 2
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 20, verse 2 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 2
संस्कृत श्लोक
इहेमौ कुरुतो राज्यं तौ भवन्तौ सुदम्पती ।
चक्रवाकाविव नवौ भुवि जातौ शिवाविव ॥ २ ॥
हिन्दी अर्थ
नूतन चकवा ओर चकवी की नाई ओर
पृथिवी में उत्पन्न हुए शिव और पार्वती की नाई सुन्दर दम्पती वे ही तुम दोनों यहाँ पर
राज्य करते हो