Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 20, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 20, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
श्रीदेव्युवाच ।
नाहं मिथ्या वदामीदं यथावच्छृणु सुन्दरि ।
भेदनं नियतीनां हि क्रियते नास्मदादिभिः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीदेवी ने कहा : सुन्दरी, मैं मिथ्या नहीं बोल रही हूँ, तुम इस
विषय को भली-भाँति चित्त देकर सुनो, हम लोग वेदोक्त “मिथ्या नहीं बोलना चाहिए" इत्यादि
नियमों का उल्लंघन नहीं करते