Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 109, Verse 27
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 109, verse 27 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 109 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
विज्ञातलोकवृत्तान्तः क्व नामायं महीपतिः ।
क्व सामान्यमनोवृत्तियोग्यो विपुलसंभ्रमः ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
जिन्हें लोक का वृत्तान्त
भलीभाँति ज्ञात है, ऐसे ये महीपति कहाँ ओर पामर लोगों की मनोवृत्ति जानने योग्य यह
बड़ा भारी संभ्रम कहाँ ? विधाता की माया से ही यह अघटित घटना घटी है