Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 106, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 106, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 106 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
पूर्वादरण्यादरसात्तद्धि किंचित्सुखावहम् ।
अत्यन्तदुःखान्मरणाद्वरं व्याधिर्हि जन्तुषु ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
पूर्व नीरस अरण्य से यह कुछ सुखकर था । अत्यन्त दुःखों से परिपूर्ण मरण से
प्राणियों को व्याधि कुछ सुखकर प्रतीत होती ही है