Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 101, Verse 38
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 101, verse 38 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 101 · श्लोक 38
संस्कृत श्लोक
संकल्पमात्रं प्रथममुत्थितं परमात्मनः ।
तदिदं स्फारतां यातं व्यापारैर्दिवसं यथा ॥ ३८ ॥
हिन्दी अर्थ
पहले परमात्मा से एकमात्र संकल्प
उदित हुआ । वही संकल्प जैसे दिन सूर्य के व्यापारो से ओर लोगों के विविध व्यापारो से
विस्तारको प्राप्त होता है वैसे ही विस्तार को प्राप्त हुआ हे