Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 101, Verse 21
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 101, verse 21 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 101 · श्लोक 21
संस्कृत श्लोक
ददृशुस्तत्र रम्याणि त्रीणि सद्भवनानि ते ।
मणिकाञ्चनगेहानि श्रृङ्गाणीव महागिरेः ॥ २१ ॥
हिन्दी अर्थ
उस नगर में उन्होने तीन रमणीय उत्तम भवन देखे, वे मणि ओर सुवर्ण के घर हिमालय पर्वत
के शिखरो के समान विशाल थे