Guru's AddaGuru's Adda

Mumukshu Vyavahara Prakarana (Conduct of the Seeker) · Sarga 8

सातवाँ सर्ग समाप्त आठवाँ सर्ग पूर्व सर्ग में प्रचुर उदाहरणों द्वारा वर्णित दैवमिथ्यात्वका, उपजीव्यविरोध आदि युक्तियों से भी, समर्थन ।

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  1. Verse 1इस प्रकार दैव का निराकरण कर पौरुष की स्वतन्त्रता का समर्थन करनेपर भी विश्वास न होने के का…
  2. Verses 2–17किस अधिष्ठान को लेकर दैवभ्रान्ति होती है ? ऐसी शंका होने पर अधिष्ठान को दिखलाते हुए परस्प…
  3. Verses 18–21यदि कहिए ज्योतिषी जो ग्रहों का वर्णन करते है, वही दैव है, सो ठीक नहीं, क्योकि ग्रह तो अपन…
  4. Verses 22–26जो इन्द्र आदि देव हैं, वे भी पौरुष से पराजित हुए थे, यह बात प्रसिद्ध है । हिरण्यकशिपु आदि…