Guru's AddaGuru's Adda

Vairagya Prakarana (Dispassion) · Sarga 30

2 verse-groups

  1. Verses 1–7विवेक से विषयों को तुच्छ समझकर उनका त्याग कर रही और रस के (५६५) (राग के) शेष रहने के कारण…
  2. Verses 8–27क्लेशदायिनी अपनी उसी अन्तरालावस्था का वर्णन करते हैं। मेरी उक्त चित्त की अस्थिरता सांसारि…