Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 13, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 13, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
सिंहीव विग्रहव्यग्रकरीन्द्रकुलपोथिनी ।
खड्गधारेव शिशिरा तीक्ष्णतीक्ष्णाशयाश्रया ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
यह युद्ध के लिए उत्सुक मनुष्यरूपी गजेन्द्रो का
विनाश करनेवाली सिंहनी के समान है । बडी शीतल तथा स्वयं तीक्ष्ण और तीक्ष्णहृदयवाले (क्रूर
हृदयवाले) लोगों के पास रहनेवाली तलवार के समान है