Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 7, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 7, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
श्रृणु सुभग कथां महानुभावा व्यपगतपूर्वशुभाशुभार्गलौघाः ।
खपतितफलवत्परं विवेकं चरमभवा विमलं समश्नुवन्ति ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे सकलैश्वर्यसम्पन्न श्रीरामचन्द्रजी, अन्तिम जन्मवाले
महानुभाव पुरुष, जिनके पूर्वसंचित पुण्य-पापरूप मोक्ष के प्रतिबन्ध नष्ट हो चुके हैं, निर्मल परम
विवेक को जैसे आकाश से गिरे हुए फल के तुल्य प्राप्त करते हैं वैसी वक्ष्यमाण कथा
को आप सुनिये