Vairagya Prakarana (Dispassion) · Sarga 5
9 verse-groups
- Verses 1–7से युक्त पाकावस्था में अधिक खिला हुआ सफेद कमल पीला हो जाता है, वैसे ही राजकुमार का विशाल…
- Verse 8परिजनों के बार बार प्रार्थना करने पर कष्ट से स्नान, सन्ध्यावन्दन आदि अवश्य कर्तव्य दैनिक…
- Verse 9विविध गुणों के आगार श्रीरामचन्द्रजी को पूर्वोक्त चिन्ता आदि से युक्त देखकर उनके भाई लक्ष्…
- Verse 10सभी पुत्रों को दुःखी ओर कृश देखकर रानियों के साथ महाराज दशरथ को बड़ी चिन्ता हुई
- Verse 11हे भरद्वाज, महाराज "पुत्र, तुम्हें कौन- सी बड़ी चिन्ता है” इस प्रकार बड़ी मधुर वाणी से बा…
- Verse 12पिताजी, मुझे कुछ भी दुःख नहीं है, - यह कहकर कमलनयन श्रीरामचन्द्रजी पिताजी की गोद में जाकर…
- Verse 13तदनन्तर महाराज दशरथ ने 'राम किसलिए खिन्न है" यह वक्ताओं में श्रेष्ठ तथा सम्पूर्ण कार्यो क…
- Verse 14दशरथजी के यों पूछने पर विचार कर महर्षि वसिष्ठजी ने राजा से कहा : राजन्, इसमें कुछ कारण ह…
- Verse 15(यहाँ पर रामचन्द्रजी की चिन्ता का फल शुभ होगा, यह दशनि के लिए श्रीमन्" सम्बोधन है ।) जैस…